चमोली के दुर्गम सरकारी स्कूलों में ‘प्रतिज्ञा NGO’ की डिजिटल क्रांति; लगातार जारी है सीमांत क्षेत्रों को हाईटेक बनाने का अभियान
उत्तराखंड प्रोग्राम हेड सजेंद्र कठैत की अगुवाई में कई स्कूलों की बदली तस्वीर, डिजिटल गैजेट्स पाकर चहके सुदूरवर्ती क्षेत्रों के नौनिहाल
चमोली : उत्तराखंड के सीमांत और बेहद दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और ग्रामीण बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए ‘प्रतिज्ञा NGO’ का महाभियान लगातार जारी है। दिल्ली स्थित यह सामाजिक संस्था पिछले कई वर्षों से चमोली जनपद के दूरस्थ अंचलों में सक्रिय है। इसी कड़ी में संस्था ने एक बार फिर चमोली के सुदूरवर्ती प्राथमिक विद्यालय (बूरा विलेज) सहित कई ग्रामीण स्कूलों में आधुनिक डिजिटल उपकरण और अध्ययन सामग्री वितरित कर बच्चों को तकनीकी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा है।
चमोली के दुर्गम क्षेत्रों में ‘प्रतिज्ञा NGO’ का निरंतर प्रयास
यह कोई पहली बार नहीं है जब संस्था ने चमोली के किसी स्कूल की सुध ली हो। ‘प्रतिज्ञा NGO’ पिछले कई सालों से लगातार चमोली जिले के ऐसे अनेक सरकारी स्कूलों को चिन्हित कर उन्हें डिजिटल संसाधनों से लैस करने के अभियान में जुटी है, जहां भौगोलिक विषमताओं के कारण आधुनिक सुविधाएं आसानी से नहीं पहुंच पातीं। संस्था का लक्ष्य है कि पहाड़ के ग्रामीण अंचलों में पढ़ने वाला हर बच्चा आज के आधुनिक युग की मुख्यधारा के साथ कदमताल कर सके।
सजेंद्र कठैत की जमीनी सक्रियता से अभियान को मिल रही गति
इस पूरे अभियान को धरातल पर उतारने और हर सुदूर स्कूल तक राहत पहुंचाने में ‘प्रतिज्ञा NGO’ के उत्तराखंड प्रोग्राम हेड सजेंद्र कठैत सबसे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। दुर्गम रास्तों और कठिन परिस्थितियों की परवाह न करते हुए सजेंद्र कठैत लगातार खुद जमीनी स्तर पर जाकर स्कूलों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं।
हाल ही में हुए दौरों में भी उन्होंने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर बच्चों की जरूरतों को समझा और अपनी देखरेख में स्कूली बच्चों को डिजिटल गैजेट्स व उच्च गुणवत्ता वाली पढ़ाई-लिखाई की सामग्री भेंट की। उनकी इस निरंतर सक्रियता की बदौलत आज चमोली के कई सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है।
स्थानीय जन प्रतिनिधियों और SMC ने जताया आभार
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उपकरणों का यह वितरण स्कूल के प्रधानाचार्यों, ग्राम प्रधानों और विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सम्मानित सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में किया जा रहा है। संस्था के इस पुनीत और नेक कार्य की सराहना करते हुए स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने संस्था के *राष्ट्रीय अध्यक्ष व निदेशक डॉ. अजय सैनी (Dr. Ajay Saini)* और उत्तराखंड प्रोग्राम हेड सजेंद्र कठैत का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
चमोली के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा
“यह हमारे लिए बेहद गर्व और हर्ष का विषय है कि दिल्ली से चलकर संस्था के लोग लगातार हमारे इन दुर्गम और सुदूर स्कूलों तक पहुंच रहे हैं और बच्चों की सुध ले रहे हैं। इस सराहनीय प्रयास से हमारे पहाड़ के बच्चे भी अब डिजिटल शिक्षा प्राप्त कर देश-दुनिया में नाम रोशन कर सकेंगे।”
