दून लिट फेस्ट 2026 साहित्य, संवाद और संगीत का भव्य संगम, विचारों से गूंजा देहरादून

दून पुस्तक महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ‘दून लिट फेस्ट’ का आज का दिन साहित्य, विचार और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। विभिन्न सत्रों में देश के प्रतिष्ठित लेखकों, शिक्षकों और कलाकारों ने भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत लेखक दर्शित बिष्ट के सत्र से हुई, जिसमें उन्होंने अपनी पुस्तक ‘मोदी मिरर’ पर विचार साझा किए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, उनकी विचारधारा और प्रारंभिक जीवन पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि “आने वाले 50 वर्षों बाद इतिहास में नरेंद्र मोदी का सटीक मूल्यांकन होगा।

दूसरे सत्र में लेखक कुलदीप यादव ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के कम चर्चित पहलुओं पर प्रकाश डाला। लेखक कर्नल आर.एस. सिद्धू के साथ संवाद में उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य और अपने उपन्यास ‘बैटल ऑफ नाटरल’ से जुड़े रोचक अनुभव साझा किए।
प्रसिद्ध लेखक और अद्वैत शिक्षक आचार्य प्रशांत ने अपने सत्र ‘Truth Without Apology’ में जीवन, सत्य और आत्मबोध जैसे गहरे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने आधुनिक जीवन में संतुलन, रिश्तों की समझ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभाव पर विचार रखते हुए कहा कि AI भी अंततः मनुष्य के उपयोग का ही साधन है।

बच्चों के कार्यक्रमों ने बिखेरी रचनात्मकता की चमक
‘चिल्ड्रन कॉर्नर’ में बच्चों के लिए आयोजित गतिविधियों ने खास आकर्षण बटोरा। लगभग 700 बच्चों ने कथाकार सोनाली रावत द्वारा सुनाई गई कोरियाई लोककथाओं का आनंद लिया।
इसके साथ ही ‘वेस्ट टू आर्ट’, पॉट आर्ट, कैनवास पेंटिंग और लोक कला गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी सीखा।

कविता पाठ में झलकी पहाड़ की संवेदनाएं

देहरादून साहित्य महोत्सव के अंतर्गत आयोजित काव्य सत्र में उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ अर्चना झा की सरस्वती वंदना से हुआ।कवयित्री रुचि बहुगुणा उनियाल ने पहाड़ की स्त्री और उसके संघर्ष को अपनी कविताओं के माध्यम से जीवंत किया। वहीं वरिष्ठ कवि बृजमोहन मिश्र ने अपनी कालजयी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के संपादकीय विभाग (हिंदी) के कमलेश पांडे ‘पुन्नू’ के प्रभावशाली संचालन ने सत्र को और भी ऊर्जावान बना दिया।
संगीत ने बांधा समां
महोत्सव के सांस्कृतिक सत्र में ‘बुनमिया बैंड’ की सूफी और क्लासिकल फ्यूजन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
आने वाले सत्रों में और भी खास आयोजन
दून पुस्तक महोत्सव 2026 के आगामी दिनों में भी कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित होंगे। खासतौर पर अगले दिन इम्तियाज अली की फिल्म ‘चमकीला’ पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही कर्नल आर.एस. सिद्धू और ब्रिगेडियर सुभाष शर्मा भी अपने अनुभव साझा करेंगे।

शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थान के प्रसिद्ध मंगणियार लोक कलाकारों की प्रस्तुति और ‘रेडग्राम लाइव बैंड’ का संगीत समारोह दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

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